11 Mukhi Nepali Rudraksha
ग्यारह मुखी रुद्राक्ष
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ग्यारह मुखी रुद्राक्ष भी रुद्र स्वरुप है।
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इस रुद्राक्ष में ग्यारह धारियां होती है।
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यह भगवान शिव के भ्रक्तो के लिए बहुत ही प्रभावशाली तथा अमोध वस्तु है। इसको धारण करने से सदा सुख में वृद्धि होती है भगवान इन्द्र को इसका प्रधान देवता माना जाता है।
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यदि किसी मनुष्य की दान करने की इच्छा हो और वो दान ना कर सका हो तो ऐसे मनुष्य को ग्यारह मुखी रुद्राक्ष जरुर धारण करना चाहिए। इससे उस दान की पूर्ति हो जाती है।
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इसके बारे मे कहा जाता है इसको धारण करने से एक लाख गाय को दान करने के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है।
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जिसके जीवन मे हमेशा संघर्ष बना रहता है, अधैर्य के कारण गलत निर्णय ले लेते है, दिमाग मे हमेशा परेशानी बनी रहती है, इसको धारण करने से सांसारिक ऐश्वर्य और इसको भोगने का सुख प्राप्त होता है।
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इसको धारण करने से एकादशी व्रत का पुण्य सदा ही प्राप्त होता है। स्त्रियो के लिए यह रुद्राक्ष सबसे अधिक महत्वपूर्ण है पति की सुरक्षा उन्नति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
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और इसके बारे में ऐसा माना जाता है कि श्रद्धा तथा विश्वास से इसे धारण करने से बन्ध्या स्त्री भी पुत्र प्राप्त कर सकती है और ये वीर बजरंग बली के भक्तों के लिए भी बहुत लाभकारी है इसका संचालक ग्रह बुध है
Please note: Rudraksha is a natural product, so slight variations in size, shape, texture, colour and weight may occur. These natural variations are a sign of its uniqueness and are not considered defects.
कृपया ध्यान दें: रुद्राक्ष एक प्राकृतिक उत्पाद है, इसलिए इसके आकार, आकृति, बनावट, रंग एवं वजन में थोड़ी भिन्नता हो सकती है। ये प्राकृतिक भिन्नताएँ इसकी विशिष्टता का हिस्सा हैं और इन्हें दोष नहीं माना जाता।