4 Mukhi Nepali Rudraksha
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इसका स्वामी ग्रह बुद्ध है।
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यह चतुर्मुर्ख ब्रह्म जी का स्वरुप माना जाता है।
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इसमे चार धारिया होती है इसे चार वेदों का रुप भी माना जाता है।
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यह मनुष्य को धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष चतुवर्गदेने वाला है।
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जो विद्यार्थी पढने में कमजोर हो या बोलने में अटकता हो उसे ये रुद्राक्ष जरुर धारण कराये।
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चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने से मानसिक रोगो से शान्ति मिलती है और स्वास्थ्य ठीक रहता है।
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इसको धारण करने से नर-हत्या के पाप दूर होते है इसे पाने से व्याभिचारी भी ब्रह्मचारी और नास्तिक भी आस्तिक होता है। इसको धारण करने से ज्ञान और मानसिक विकास में बढोत्तरी होती है।
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इससे थायराइड ग्लैंड ब्रेन डिस आर्डर जैसी समस्याओ मे लाभ मिलता है। ये छात्र वैज्ञानिको, कलाकार, टीचर, लेखक पत्रकारों को ये रुद्राक्ष जरुर धारण करना चाहिए
Please note: Rudraksha is a natural product, so slight variations in size, shape, texture, colour and weight may occur. These natural variations are a sign of its uniqueness and are not considered defects.
कृपया ध्यान दें: रुद्राक्ष एक प्राकृतिक उत्पाद है, इसलिए इसके आकार, आकृति, बनावट, रंग एवं वजन में थोड़ी भिन्नता हो सकती है। ये प्राकृतिक भिन्नताएँ इसकी विशिष्टता का हिस्सा हैं और इन्हें दोष नहीं माना जाता।